+91-9650-1499-67Mon-Sat: 9:00 AM - 7.30 PM
  • Home
  • Jammu Helicopter And Battery Car Service Affected For Vaishno Devi Devotees Due To Bad Weather
VaishnoDevi Yatra : खराब मौसम के कारण वैष्णो देवी के भक्तों के लिए हेलीकाप्टर और बैटरी कार सेवा प्रभावित रही

VaishnoDevi Yatra : खराब मौसम के कारण वैष्णो देवी के भक्तों के लिए हेलीकाप्टर और बैटरी कार सेवा प्रभावित रही

कटड़ा, संवाद सहयोगी : लगातार खराब मौसम के चलते मां वैष्णो के श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। भवन मार्ग पर भूस्खलन होने के कारण बैटरी कार सेवा बाधित रही और धुंध के कारण हेलीकाप्टर सेवा भी रोकनी पड़ी। वैष्णो देवी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कभी बारिश, कभी भारी उमस तो कभी भारी धुंध का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार रातभर झमाझम बारिश होती रही। इसके चलते रात्रि के समय भवन की ओर प्रस्थान कर चुके श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

मां वैष्णो देवी के भवन की ओर जाने वाले बैटरी कार मार्ग पर जगह-जगह पत्थर गिरने के कारण बैटरी कार सेवा बंद कर दी गई। श्रद्धालुओं को मां वैष्णो देवी के पारंपरिक मार्ग से यात्रा करनी पड़ी। रविवार की सुबह बारिश थमते ही श्राइन बोर्ड के कर्मचारियों ने बैटरी कार मार्ग को पूरी तरह से साफ कर दिया और अधिकारियों द्वारा मुआयना किए जाने के बाद सुबह करीब 9 बजे बैटरी कार मार्ग श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।

रविवार को भी दिनभर त्रिकूट पर्वत पर घनी धुंध छाई रही। दूसरी ओर बीच-बीच में रिमझिम बारिश भी हुई। इससे कटड़ा से चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा पूरी तरह से बंद रही और श्रद्धालुओं को मजबूरन घोड़ा-पिट्ठू अथवा पालकी का सहारा लेना पड़ा। बैटरी कार सेवा और केबल कार सेवा बहाल रही। लगातार खराब मौसम को लेकर आपदा प्रबंधन दल के साथ ही श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारी तथा कर्मचारी मां यात्रा मार्ग पर पूरी तरह से सतर्क हैं। और वैष्णो देवी यात्रा पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

वही सावन महीने को लेकर मां वैष्णो देवी के भवन के साथ ही आधार शिविर कटड़ा श्रद्धालुओं से गुलजार है। रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे हैं। 17 जुलाई शनिवार को 25 हजार श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी जबकि रविवार को शाम 6:00 बजे तक करीब 14 हजार श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे।

Source : https://www.jagran.com